भारतीय स्टार्टअप्स संग एआई पर बातचीत को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बेहद यादगार और शिक्षाप्रद करार दिया। इन सत्रों में स्टार्टअप्स ने एआई आधारित समाधानों का प्रदर्शन किया, जो शहरों की यातायात व्यवस्था से लेकर ग्रामीण शिक्षा तक प्रभाव डाल सकते हैं।
पीएम ने क्षेत्रीय भाषाओं में जेनरेटिव एआई और आपदा प्रबंधन टूल्स पर चर्चा को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने स्केलेबिलिटी, रोजगार सृजन और नियमन जैसे मुद्दों पर सवाल किए। ‘ये युवा भारत का कल架构ित कर रहे हैं,’ उनका मानना है।
डिजिटल इंडिया के तहत ‘एआई फॉर ऑल’ पर जोर देते हुए मोदी ने राष्ट्रीय रणनीतियों में स्टार्टअप इनपुट्स को शामिल करने का संकेत दिया। ग्लोबल एआई समिट की मेजबानी के प्रयासों को बल मिलेगा।
सरकार के 10,000 करोड़ के एआई मिशन से स्टार्टअप्स को फायदा होगा। यह संवाद नीति-निर्माताओं और नवप्रवर्तकों के बीच मजबूत साझेदारी का प्रतीक है, जो भारत को एआई सुपरपावर बनाएगा।