भारतीय शेयर बाजार के मेटल क्षेत्र में भारी बिकवाली देखने को मिली। चांदी और कॉपर कीमतों में वैश्विक स्तर पर आई तेज गिरावट के चलते शेयरों में 6.35 प्रतिशत तक की कमी दर्ज की गई।
हिंदाल्को के शेयर सबसे ज्यादा 6.35 प्रतिशत नीचे आए। वेदांता, हिंदुस्तान कॉपर और नाल्को जैसे नाम भी 5-6 प्रतिशत लुढ़के। बीएसई मेटल इंडेक्स में 4.5 प्रतिशत की गिरावट हुई।
चाइना का मैन्युफैक्चरिंग पीएमआई 49.5 पर रह गया, जिसने कॉपर की मांग पर सवाल खड़े कर दिए। चांदी में प्रॉफिट बुकिंग ने भी दबाव बढ़ाया। एलएमई पर कॉपर 9,420 डॉलर तक गिरा।
विशेषज्ञों ने इन्वेंटरी बढ़ोतरी और सप्लाई चेन में सुधार को गिरावट का कारण बताया। डॉलर की मजबूती ने भी धातुओं पर असर डाला।
स्टील कंपनियां भी इससे अछूती नहीं रहीं। सेल और जिंदल स्टील में 3-4 प्रतिशत की कमी आई। तकनीकी रूप से इंडेक्स सपोर्ट लेवल तोड़ चुका है।
बाजार की नजर अब वैश्विक नीति फैसलों पर है। गिरावट के बाद वैल्यूएशन आकर्षक हुए हैं, लेकिन सतर्कता जरूरी। लंबे समय के लिए चुनिंदा स्टॉक्स में संभावनाएं बनी हुई हैं।