भारत का जॉब मार्केट एआई क्रांति के दौर में है। एक ताजा अध्ययन कहता है कि 2026 तक 90 प्रतिशत से अधिक पेशेवर नौकरी ढूंढने में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर निर्भर होंगे, जो करियर रणनीतियों में बड़ा परिवर्तन लाएगा।
आईटी, फाइनेंस और हेल्थकेयर जैसे क्षेत्रों के 5000 से ज्यादा लोगों के सर्वे से यह तस्वीर उभरती है। आज एआई रिज्यूमे बनाना और छिपे अवसर ढूंढना आसान कर रहा है। दो सालों में यह हर किसी का हथियार बनेगा।
प्रतिवर्ष करोड़ों युवाओं के बाजार में आने से प्रतिस्पर्धा भयंकर है। एआई ट्रेंड भविष्यवाणी और आवेदन स्वचालन से बढ़त दिला रहा है। नौकरी डॉट कॉम जैसी वेबसाइटें एआई सुझाव दे रही हैं।
समस्याएं भी हैं—ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंच की कमी और नौकरी छिनने का डर। नीति निर्माताओं को समावेशी प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाने चाहिए।
भविष्य में एआई-कुशल उम्मीदवारों को प्राथमिकता मिलेगी। भारत के महत्वाकांक्षी युवाओं के लिए एआई सीखना अब जरूरी है, ताकि वैश्विक अवसर हासिल हो सकें।