संयुक्त राष्ट्र की ताजा रिपोर्ट ने वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद भारत के आर्थिक उभार की भविष्यवाणी की है। 2026 तक अर्थव्यवस्था में तेज रफ्तार का अनुमान लगाते हुए रिपोर्ट भारत को वैश्विक पटल पर सबसे चमकदार सितारा बताती है।
घरेलू मांग की ताकत, बुनियादी ढांचे पर सरकारी खर्च और तकनीकी प्रगति इसके आधार हैं। महामारी के बाद की बहाली में भारत की कुशल नीतियां प्रभावी रहीं हैं। जनसांख्यिकीय लाभ और निर्यात विविधीकरण ने स्थिरता प्रदान की है।
यूरोप-अमेरिका ऊर्जा संकट से जकड़े हैं, चीन की संपत्ति बाजार की परेशानियां हैं, लेकिन भारत के विविध व्यापार संबंध इसे सुरक्षित रखते हैं। कृषि सुधार और मध्यम वर्ग की बढ़ती क्रय शक्ति आगे का मार्ग प्रशस्त कर रही हैं।
असमानता कम करने और जलवायु अनुकूलन पर ध्यान देने की जरूरत बताई गई है। फिर भी, भारत वैश्विक जीडीपी में सबसे अधिक योगदान देगा। यह पूर्वानुमान निवेशकों को आकर्षित करता है और भारत को आर्थिक महाशक्ति के रूप में स्थापित करता है।