जोमैटो और ब्लिंकिट की पैरेंट कंपनी इटरनल कंज्यूमर ब्रांड्स को बड़े टैक्स झटके का सामना करना पड़ा है। जीएसटी अधिकारियों ने 3.7 करोड़ रुपये का डिमांड नोटिस थमाया, जो ऑनलाइन ट्रांजेक्शन्स पर विवाद को केंद्र में लाता है।
नोटिस में कुछ अवधि के दौरान जीएसटी भुगतान में कमी का आरोप लगाया गया है। ब्लिंकिट के जरिए क्विक डिलीवरी बिजनेस को बढ़ावा देने वाली इटरनल अब लीगल टीम के साथ इसकी पड़ताल कर रही है। कंपनी का कहना है कि नियमों का सख्ती से पालन किया जा रहा है।
यह घटना तब हो रही है जब क्विक कॉमर्स मार्केट तेजी से बढ़ रहा है। जोमैटो जैसी कंपनियां वेयरहाउस और डिलीवरी नेटवर्क में भारी निवेश कर रही हैं। विशेषज्ञ चेतावनी दे रहे हैं कि ऐसे नोटिस कैश फ्लो प्रभावित कर सकते हैं।
जोमैटो के शेयरों पर हल्का दबाव दिखा, लेकिन लॉन्ग टर्म ग्रोथ पर भरोसा कायम है। ई-कॉमर्स सेक्टर में जीएसटी नियमों को स्पष्ट करने की जरूरत है ताकि इनोवेशन बाधित न हो।
कुल मिलाकर, इटरनल का यह केस पूरे इंडस्ट्री के लिए सबक है। टैक्स कंप्लायंस को मजबूत करते हुए ग्रोथ को बरकरार रखना बड़ी चुनौती है। आगे की अपडेट्स का इंतजार।