चांदी के दामों ने बाजार को चौंका दिया। नया ऑल-टाइम हाई छूते हुए प्रति किलोग्राम करीब 5,000 रुपये की बढ़ोतरी हो गई। यह तेजी निवेशकों में उत्साह भर रही है, लेकिन सावधानी भी बरतने की नसीहत दे रही।
वैश्विक मांग में इजाफे और खनन आपूर्ति की किल्लत ने कीमतों को आसमान छूने पर मजबूर कर दिया। हरित ऊर्जा परियोजनाओं में चांदी की भूमिका बढ़ रही है। भारत में विवाह और उत्सव मौसम ने घरेलू मांग को बल दिया।
मुंबई के सर्राफा बाजारों में खरीद-फरोख्त तेज हो गई। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर सिल्वर ईटीएफ की बिक्री रिकॉर्ड स्तर पर। जानकारों का मानना है कि ब्याज दरों में कटौती से और तेजी संभव।
फिर भी, जोखिम से इंकार नहीं। डॉलर में मजबूती या मंदी के संकेत गिरावट ला सकते हैं। चांदी का सफर अभी लंबा है, निवेशकों को सलाह है सही समय का इंतजार करें। बाजार की नजरें भविष्य के संकेतों पर।