टेबल टेनिस स्टार साथियान ज्ञानसेकरन की प्रेरक कहानी। इंजीनियरिंग की सुरक्षित राह छोड़कर उन्होंने खेल क्षेत्र में कदम रखा और कॉमनवेल्थ गेम्स-2022 में भारत को ऐतिहासिक स्वर्ण दिलाया।
चेन्नई के इस सितारे ने कॉलेज के बीच में पढ़ाई छोड़ दी क्योंकि टेबल टेनिस ने उन्हें पूरी तरह जकड़ लिया था। एसडीएटी अकादमी में प्रशिक्षण लेते हुए राष्ट्रीय चैंपियनशिप जीतीं। एशियाई खेलों और विश्व चैंपियनशिप में भी नाम रोशन किया।
बर्मिंघम में मणिका बत्रा के साथ मिक्स्ड डबल्स में उतरे। नाइजीरिया, मलेशिया जैसे मजबूत प्रतिद्वंद्वियों को हराकर फाइनल में इंग्लैंड पर 4-1 से जीत दर्ज की। साथियान की फुर्तीली चाल और ताकतवर फोरहैंड ने स्वर्ण सुनिश्चित किया।
यह उपलब्धि खेलों में विविधता लाने वाली है। साथियान अब जूनियर खिलाड़ियों को ट्रेनिंग दे रहे हैं। ओलंपिक 2024 की ओर बढ़ते हुए वे साबित कर रहे हैं कि जुनून से कुछ भी हासिल संभव है।