गुवाहाटी में 8 जनवरी को शुरू हो रहे राष्ट्रीय वस्त्र मंत्रियों के सम्मेलन से भारत का वस्त्र क्षेत्र नई उड़ान भरेगा। यह आयोजन देश को विश्व स्तरीय वस्त्र हब बनाने की तैयारियों को गति देगा।
राज्य मंत्रियों की यह बैठक नीतिगत एकरूपता लाने और निर्यात बढ़ाने पर जोर देगी। वस्त्र उद्योग 45 मिलियन से अधिक रोजगार देता है और निर्यात में अरबों का योगदान है।
कार्यक्रम में सस्टेनेबल प्रैक्टिस, डिजिटल वीविंग और किसानों से जुड़ाव प्रमुख रहेगा। असम का मuga रेशम वैश्विक बाजार में चमकेगा।
पीएम मित्रा पार्क जैसी योजनाओं की समीक्षा होगी। कच्चे माल की समस्या, कौशल अभाव पर चर्चा होगी।
नवाचार, महिला सशक्तिकरण और एमएसएमई को प्रोत्साहन मिलेगा। सम्मेलन से निकले फैसले आत्मनिर्भर भारत को मजबूत करेंगे। पूर्वोत्तर का विकास सुनिश्चित होगा।