खेलो इंडिया बीच गेम्स के उद्घाटन ने दीव के समुद्र तटों को जोश की लहरों से भर दिया। युवा एथलीट्स ने रेत पर खेले जा रहे 13 खेलों में अपनी ऊर्जा का परिचय दिया। कबड्डी से लेकर वुशू तक, हर खेल में रेत की चुनौतियां खिलाड़ियों को रोमांचित कर रही थीं।
तमिलनाडु के लॉन्ग जंपर रवि कुमार बोले, ‘रेत पर दौड़ना पैरों को इस्पात सा मजबूत बनाती है।’ वॉलीबॉल कोर्ट पर स्पाइक्स और ब्लॉक्स के बीच हंसी-मजाक का माहौल रहा। 18-25 वर्ष के 1200 प्रतिभागी राज्यों के बीच स्वस्थ मुकाबला लड़ रहे हैं।
आयोजक ग्रामीण स्तर पर प्रतिभा खोज पर जोर दे रहे। कोचों ने समुद्री हवा के अनुकूल रणनीतियां सिखाईं। ओडिशा की कबड्डी खिलाड़ी ने बताया, ‘रेत की दीवार फांदकर टच करना अद्भुत अनुभव।’ शाम को सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने माहौल और रंगीन बना दिया।
खिलाड़ी समुद्र किनारे भोजन करते हुए अनुभव साझा कर रहे। पैरा-एथलीट्स की श्रेणियां समावेशिता का संदेश दे रही। पदक वितरण से पहले यह आयोजन बीच खेल संस्कृति को मजबूत करेगा, भविष्य के ओलंपिक स्टार्स तैयार करेगा।