नागरमोथा, जिसे मुस्ता भी कहते हैं, स्वास्थ्य जगत की अनदेखी शख्सियत है। यह न केवल पाचन को मजबूत बनाता है बल्कि महिलाओं की गोपनीय स्वास्थ्य समस्याओं का भी समाधान है। इस लेख में जानें इसके बहुआयामी लाभ।
पेट की कमजोरी दूर करने में बेजोड़। एसिडिटी, ब्लोटिंग और डायरिया पर तुरंत काबू पाता है। इसके एंजाइम पाचन रस बढ़ाते हैं, जिससे भोजन आसानी से हजम होता है। बच्चों से बुजुर्ग तक इसका सेवन लाभकारी।
स्त्री रोगों में विशेषज्ञ। अनियमित पीरियड्स को ठीक कर दर्दमुक्त चक्र प्रदान करता है। एंडोमेट्रियोसिस और फाइब्रॉइड में राहत। प्रसवोत्तर कमजोरी दूर कर दूध उत्पादन बढ़ाता है।
डायबिटीज में इंसुलिन संवेदनशीलता सुधारता है। जोड़ों के दर्द, सिरदर्द और त्वचा संक्रमण ठीक करता है। वजन नियंत्रण और detox के लिए आदर्श।
बनाने का तरीका: उबालकर काढ़ा पिएं या शहद के साथ चूर्ण लें। मात्रा नियंत्रित रखें।
स्वास्थ्य की कुंजी नागरमोथा में छिपी है। आज से ही शुरू करें यह प्राकृतिक यात्रा।