तेज रफ्तार और सांस रोक देने वाले मोमेंट्स से भरा रोलर स्पीड स्केटिंग खेल अब वैश्विक पटल पर छाया हुआ है। यूथ ओलंपिक गेम्स में इसने युवा सितारों के दम पर सुर्खियां बटोरीं, जहां 200 मीटर की तेज रेस से लेकर लंबी दूरी की चुनौतियों तक सब कुछ देखने को मिला।
ट्रैक पर स्केटरों की भिड़ंत देखने लायक थी—ड्राफ्टिंग तकनीक से ऊर्जा बचाते हुए आखिरी मोड़ पर जोरदार दौड़। स्पेन, फ्रांस और एशियाई देशों के एथलीटों ने दमदार प्रदर्शन किया। यह खेल 1930 के दशक से संगठित हो रहा है, जब पहला विश्व चैंपियनशिप हुआ।
आजकल सिंथेटिक ट्रैक पर बैंकिंग के साथ रेसें होती हैं, जहां स्पीड 50 किमी/घंटा तक पहुंच जाती है। ट्रेनिंग में स्ट्रेंथ, इंटरवल और मेंटल प्रिपरेशन शामिल है। महिलाओं और पुरुषों के लिए बराबर मौके इसे आकर्षक बनाते हैं। भारत जैसे उभरते देशों में अकादमियां तेजी से बढ़ रही हैं।
यूथ ओलंपिक की सफलता ने इसे ओलंपिक की ओर धकेल दिया है। ऑनलाइन स्ट्रीमिंग से दर्शक संख्या बढ़ी है। यह खेल न केवल फिटनेस बढ़ाता है, बल्कि टीमवर्क और हिम्मत का पाठ भी पढ़ाता है। आने वाले समय में रोलर स्पीड स्केटिंग और भी ऊंचाइयों को छुएगी।