शेयर मार्केट की दुनिया में शेयर प्राइस, टारगेट प्राइस और स्टॉप लॉस को समझना हर निवेशक के लिए बुनियादी ज्ञान है। ये टर्म्स ट्रेडिंग को स्मार्ट और सुरक्षित बनाते हैं। चलिए इनकी व्याख्या करते हैं।
शेयर प्राइस का अर्थ: बाजार में शेयर का मौजूदा भाव या ट्रेडिंग प्राइस। यह हर सेकंड बदल सकता है, जो कंपनी की खबरों, आर्थिक स्थिति और निवेशक सेंटिमेंट पर आधारित होता है। उदाहरणस्वरूप, अगर रिलायंस का शेयर प्राइस 2500 रुपये है, तो यही उसकी वर्तमान वैल्यू है।
टारगेट प्राइस क्या है? यह अनुमानित भविष्य मूल्य है जहां निवेशक शेयर बेचना चाहते हैं। ब्रोकर या एनालिस्ट रिपोर्ट में अक्सर टारगेट प्राइस दिया जाता है, जैसे ‘टारगेट 120 रुपये’। इससे लाभ की गणना आसान हो जाती है।
स्टॉप लॉस कैसे काम करता है? यह एक ऑर्डर है जो नुकसान रोकने के लिए लगाया जाता है। जैसे, 200 रुपये का शेयर खरीदा और स्टॉप लॉस 180 पर सेट किया। प्राइस 180 नीचे जाए तो 자동 बिक्री हो जाएगी। इससे भावनात्मक ट्रेडिंग से बचाव होता है।
इन तीनों को जानकर निवेशक बाजार में बेहतर फैसले ले सकते हैं। शेयर प्राइस मॉनिटर करें, टारगेट सेट करें और स्टॉप लॉस से रक्षा करें। सफल निवेश के लिए ये आवश्यक हैं।