वित्त वर्ष 2027 में भारत की आर्थिक विकास दर घरेलू खपत के बल पर 7.2 प्रतिशत तक पहुंचने का अनुमान जताया गया है। ताजा रिपोर्ट से पता चलता है कि निजी खर्च और उपभोक्ता मांग प्रमुख इंजन के रूप में काम करेंगे। विशेषज्ञों ने कहा कि वर्तमान वित्त वर्ष के बाद रिकवरी मजबूत होगी, जिसमें ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों से सकारात्मक संकेत मिल रहे हैं।
रिपोर्ट के आंकड़ों के अनुसार, जीडीपी वृद्धि में निजी उपभोग का हिस्सा बढ़कर 58-60 प्रतिशत हो जाएगा। सरकारी निवेश, विशेषकर इंफ्रास्ट्रक्चर और रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में, विकास को सपोर्ट देगा। इसके साथ ही, निर्यात में अमेरिका और यूरोप की मांग से फायदा होगा। हालांकि, मुद्रास्फीति नियंत्रण और वैश्विक मंदी के जोखिमों पर नजर रखनी होगी।
भारत की युवा आबादी, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन और मेक इन इंडिया जैसी पहलों से अर्थव्यवस्था को बल मिलेगा। यह अनुमान निवेशकों और व्यवसायों के लिए उत्साहजनक है, जो उच्च विकास से लाभान्वित होंगे। नीति निर्माताओं को उपभोक्ता संरक्षण और रोजगार सृजन पर फोकस करना चाहिए। कुल मिलाकर, FY27 भारत के लिए सुनहरे अवसरों वाला वर्ष साबित होगा।