होली के रंगीन उमंग के बीच रांची के अस्पताल सतर्कता के पूरे मोड में आ गए हैं। 4 मार्च को ओपीडी सेवाएं बंद रहेंगी, लेकिन इमरजेंसी वार्ड रात-दिन मरीजों के लिए खुले रहेंगे। यह व्यवस्था संभावित दुर्घटनाओं से निपटने हेतु की गई है।
त्योहार में शराब पीकर गाड़ी चलाने, केमिकल वाले रंगों से एलर्जी, आंखों को नुकसान और भस्मदान की आग से जलन की घटनाएं आम हैं। इनसे बचाव के लिए डॉक्टरों की टीम मजबूत की गई है। दवाइयां, जीवन रक्षक मशीनें और ब्लड बैंक स्टॉक से लबालब भरे हैं।
सिविल सर्जन डॉ. प्रभात कुमार के अनुसार, सभी सेवाएं आपात स्थिति में तुरंत उपलब्ध होंगी। रिम्स और सदर अस्पताल में भी समान इंतजाम हैं। डॉ. राजीव रंजन ने इसकी पुष्टि की।
पिछले वर्षों के आंकड़े बताते हैं कि होली पर हॉस्पिटल में मरीजों की संख्या दोगुनी हो जाती है। इस बार बेहतर तैयारी से कोई कमी नहीं रहेगी। नागरिकों से अपील है कि सुरक्षित तरीके से होली खेलें। रांची स्वास्थ्य सेवाएं त्योहार की खुशियां बरकरार रखने को प्रतिबद्ध हैं।