सोमवार शाम झारखंड के चतरा में एयर एम्बुलेंस हादसे ने सात लोगों को निगल लिया। मरीज से लेकर पायलट, डॉक्टर तक सभी की जान गई। अमृतसर के गोविंद नगर में को-पायलट स्वराजदीप सिंह के घर सन्नाटा पसर गया। डेढ़ साल पुरानी नौकरी, दो साल की शादीशुदा जिंदगी और एक नवजात बेटे के बाप की ऐसी मौत ने सबको स्तब्ध कर दिया।
स्वराजदीप को मोहल्ले में सबका प्यारा बच्चा माना जाता था। सम्मानजनक व्यवहार, माता-पिता की सेवा। पार्षद इंद्रजीत सिंह और अमरदीप सिंह जैसे लोग इसे माता-पिता के लिए करारा आघात बता रहे हैं। रांची-दिल्ली फ्लाइट से पहले मां से बात की, जल्द फोन करने का वचन दिया। लेकिन दो घंटे गुजर गए, कोई जवाब न मिला।
समाचारों और कंपनी मेल से काली सच्चाई सामने आई। पूरे इलाके में आंसुओं की बाढ़। निवासी लगातार विमान दुर्घटनाओं पर चिंता जता रहे, सुरक्षा मानकों की गहन जांच की मांग कर रहे हैं। स्वराजदीप का जाना आसमान में उड़ने वालों के जोखिमों को उजागर करता है, सबक लेने की जरूरत है।