झारखंड के चतरा में एयर एंबुलेंस के गिरने से सात जिंदगियां खत्म हो गईं। रांची एयरपोर्ट से दिल्ली के लिए रवाना हुआ विमान सिमरिया के जंगल में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। मरीज संजय कुमार को बेहतर इलाज के लिए ले जाया जा रहा था, लेकिन विमान में सभी की मौत हो गई।
लातेहार के चंदवा से संजय कुमार (41) ढाबा चला रहे थे। अपने ही होटल में आग लगने से बुरी तरह झुलस गए। रांची के अस्पताल में भर्ती होने के बाद दिल्ली रेफर किए गए। पत्नी अर्चना देवी और भतीजे के साथ एयर एंबुलेंस में सवार हुए। दुर्भाग्य से यह यात्रा अंतिम साबित हुई।
इस हादसे से संजय के दो बेटों का साया छिन गया। 17 साल का शुभम और 13 साल का शिवम अब यतीम हैं। गांव में मातम छाया है, परिजन टूटे हुए हैं।
विमान शाम 7:11 पर उड़ा, 7:34 बजे संपर्क टूटा। मौसम खराब होने की आशंका है। डीजीसीए जांच कर रही है। पायलट विवेक विकास भगत, सवराजदीप सिंह, डॉक्टर विकास गुप्ता, पैरामेडिक सचिन मिश्रा, संजय, अर्चना और धीरू की मौत हुई।
यह घटना मेडिकल उड़ानों की सुरक्षा पर बहस छेड़ती है। परिवार का बिखरना दर्दनाक है, जांच से सच्चाई सामने आएगी। बच्चों के भविष्य के लिए सहयोग की अपील हो रही है।