पाकुड़ के गोपीनाथपुर में हिंदू समन्वय समिति द्वारा आयोजित विराट हिंदू सम्मेलन ने सनातनियों को एक मंच पर ला खड़ा किया। हजारों भक्तों ने कलश यात्रा में हिस्सा लिया, जिसके बाद वक्तव्यों ने सबको झकझोर दिया।
स्वामी परमानंद महाराज ने सनातन धर्म की महानता रेखांकित की—यह सबसे पुरानी और सुसंस्कृत परंपरा है। लव जिहाद जैसे खतरे समाज को कमजोर कर रहे हैं। समाधान है गुरुकुल शिक्षा, हिंदू एकता, घरों में पूजा-अनुष्ठान और शंखध्वनि।
गोपाल जी ने बताया कि मंदिर सदियों से समाज सेवा के केंद्र रहे—विवाह, चिकित्सा, सहायता सब यहीं से। आक्रमणकारियों ने तोड़कर समाज बांटा, मगर हिंदू अब संगठित हैं। भारत फिर विश्व गुरु बनेगा।
संतों के त्याग, जैसे दधीचि की हड्डी दान, को याद करते हुए वृक्षारोपण, प्लास्टिक मुक्ति, जल स्रोत शुद्धिकरण का संकल्प लिया। स्वदेशी से देश का उत्थान करें। सम्मेलन ने हिंदुत्व की रक्षा का दृढ़ संदेश दिया।