हजारीबाग जिले में जंगली हाथियों ने रचा खौफनाक तांडव। चूरचू के गोंदवार व कजरी गांवों में देर रात झुंड ने सात निर्दोषों की ले ली जान। सबसे दुखद एक परिवार के चार सदस्यों का शव मिलना, जो पूरे इलाके को सदमे में डाल गया।
हादसे में सूरज राम दंपत्ति, धनेश्वर राम, सुमन देवी व फुलमनी किस्कू की मौत हुई। दो नाबालिग बच्चे भी नहीं बचे। सोते हुए घरों पर हमला इतना तेज था कि कोई अलर्ट न हो सका।
पहले भी झारखंड में ऐसा हुआ। पश्चिमी सिंहभूम में जनवरी का महीना ही 22 मौतों का साक्षी बना। बोकारो में फरवरी की शुरुआत में पांच हताहत। रांची इटकी 2023 की घटना ने सबक दिया था।
वन क्षेत्र घटने, खनन से मार्ग बाधित होने से संघर्ष बढ़ा। गांववासी रातें जागकर पहरा देते, वनकर्मियों पर भरोसा उठा। विशेषज्ञ कहते हैं- हाथी गलियारों को बचाओ, सतर्कता बढ़ाओ, बाउंड्री मजबूत करो।