रांची में आयोजित एक कार्यक्रम में ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने मनरेगा को झारखंड के ग्रामीण जीवन का अभिन्न अंग बताया। महिलाओं की सक्रियता से योजना ने नई गति पकड़ी है, उन्होंने कहा। राज्य स्तरीय सम्मेलन में उत्कृष्ट महिला मेट्स के अनुभवों और सफलताओं पर चर्चा हुई तथा उन्हें सम्मानित भी किया गया।
यह योजना रोजगार से कहीं आगे ग्रामीण स्वावलंबन का माध्यम है। जल संरक्षण, बेहतर सिंचाई, सड़कें, तालाब और कुएं जैसे कार्यों से गांव आत्मनिर्भर हो रहे हैं। राज्य सरकार का लक्ष्य महिलाओं को नेतृत्व देना और पंचायतों में उनकी भागीदारी बढ़ाना है।
मंत्री के अनुसार, महिला मेट्स ने आधारभूत स्तर पर कार्यक्षमता और पारदर्शिता का उदाहरण पेश किया है। विपरीत हालातों में भी उन्होंने विकास को गति दी और मनरेगा को लोकप्रिय आंदोलन का रूप दिया।
कार्यक्रम में साझा की गई कहानियों ने सबको प्रेरित किया। यह प्रयास झारखंड के गांवों को सशक्त, समावेशी और टिकाऊ विकास की ओर ले जा रहे हैं। मनरेगा के जरिए महिलाओं का उदय ग्रामीण भारत के उज्ज्वल भविष्य का संकेत है।