अंधविश्वास का काला साया झारखंड के पलामू जिले पर फिर मंडराया। कुसड़ी गांव में एक परिवार पर जादू-टोने का शक करके दो भाइयों ने तीन लोगों की बेरहमी से हत्या कर दी। दो अन्य घायल हैं, जिनकी हालत नाजुक बनी हुई है।
कथा शुरू हुई महेशी भुईयां की मौत से, जो कई दिनों से बीमार चल रहे थे। बेटों रबींद्र और प्रमोद ने जिम्मेदार ठहराया पड़ोसी विजय भुईयां को, जो कथित रूप से काला जादू करता था। रात के सन्नाटे में वे हथियारों से लैस होकर हमला बोल दिया।
परिणाम भयावह: विजय भुईयां, उनकी पत्नी एवं पुत्र की मौके पर ही मौत। एक किशोरी और महिला नीतू देवी पर भी वार हुए, जो अब अस्पताल में जीवन-मरण की जंग लड़ रही हैं।
पांकी पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की। अपराध स्थल को सील किया, शवों का पोस्टमार्टम कराया। फरार आरोपियों को कुछ ही घंटों में पकड़ लिया गया।
गांववासी स्तब्ध हैं। ‘ऐसे अंधविश्वास ने कई घर उजाड़े हैं,’ बोले एक बुजुर्ग। यह घटना आदिवासी क्षेत्रों में प्रचलित गुणी-ओझाओं के खतरे को रेखांकित करती है।
जिला प्रशासन ने कड़े कदम उठाने का ऐलान किया है। स्कूलों में जागरूकता कार्यक्रम, पुलिस गश्त बढ़ाई जाएगी। यह ट्रिपल मर्डर न केवल अपराध है, बल्कि सामाजिक विडंबना भी, जो तर्क की जीत की मांग करता है। कुसड़ी का दर्द पूरे झारखंड को झकझोर गया है।