डोडा हादसे में शहीद हुए रांची के जवान अजय लकड़ा का शनिवार को पैतृक गांव लाबेद में अंतिम संस्कार किया गया। सैन्य वाहन के खाई में गिरने से 10 जवानों की जान चली गई थी। एयरपोर्ट पर सम्मानित शव गांव पहुंचा तो पूरा इलाका रो पड़ा।
परिवारजन और ग्रामीणों ने ‘भारत माता की जय’, ‘अजय अमर रहे’ के नारे लगाए। वृद्ध मां का बुरा हाल था, वे बेहोश हो रही थीं। पिता के 2003 में चल बसे होने के बाद उन्होंने सड़क किनारे हड़िया बेचकर संतान पाली। अजय का फोन आया था- ‘मां, नया पक्का घर बनाऊंगा, फिर ब्याह करूंगा।’
गरीबी के बावजूद अजय का सेना में जाने का सपना था। रोज सुबह 2 बजे दौड़ते। परिवार में बड़ी बहन आईआरबी में, छोटा भाई सीआईएसएफ दिल्ली में। तीन बहनों की शादियां हो चुकीं।
इस दर्दनाक विदाई ने गांव को झकझोर दिया। अजय जैसे वीरों की याद में राष्ट्र गर्व करता है, उनके परिवार को हर संभव सहारा देने का संकल्प लेता है।