पोखरा की खूबसूरत फेवा झील के छोटे से द्वीप पर विराजमान है ताल बराही मंदिर, जहां मां दुर्गा का वराही रूप भक्तों की रक्षा करता है। नवरात्रि स्पेशल में नाव लेकर पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की संख्या लाखों में होती है।
मां दुर्गा के शक्तिपीठ भारत और नेपाल दोनों में विख्यात हैं, किंतु ताल बराही की विशेषता इसका झील के मध्य होना है। किवदंती है कि मां के दर्शन मात्र से शत्रु भस्म हो जाते हैं। हर कोने पर लिपटे धागों से भक्तों की आस्था झलकती है।
राजा कुलमंदन शाह के स्वप्नदर्शन पर बना यह मंदिर पगोडा वास्तुकला का नमूना है, जिसमें मजबूत लकड़ी, ईंटें और पत्थर प्रयुक्त हैं। विशाल क्षेत्रफल के कारण बड़ी भीड़ समाहित हो सकती है। बौद्धों सहित सभी धर्मों के लोग शनिवार व दुर्गा पूजा पर दर्शन को आते हैं।
नौका विहार के दौरान झील का नजारा और मंदिर का भ्रमण एक साथ मिलता है। नेपाल में भूमि संपर्क रहित एकमात्र ऐसा मंदिर होने से इसकी महत्ता और बढ़ जाती है। नवरात्रि के नौ रंगों में रंग जाता यह तीर्थ, भक्तों को शक्ति और संरक्षण का आशीर्वाद देकर विदा करता है।