प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 8 मार्च को नई दिल्ली से पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के साथ हुए अपमान पर ममता बनर्जी की टीएमसी को आड़े हाथों लिया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि बंगाल की समझदार जनता टीएमसी को एक महिला और आदिवासी राष्ट्रपति के अपमान के लिए माफ नहीं करेगी।
मुर्मु संथाल जनजाति के महत्वपूर्ण सांस्कृतिक समारोह में शामिल होने गई थीं, लेकिन राज्य सरकार ने कार्यक्रम का बहिष्कार किया। महिला दिवस से एक दिन पहले यह घटना घटी, जिसे पीएम ने देशव्यापी निंदा का विषय बनाया। उन्होंने कहा, ‘देश, आदिवासी भाई-बहन और नारी शक्ति इस अन्याय को भूलेंगी नहीं।’
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर बधाई संदेश देते हुए मोदी ने महिलाओं के उभरते नेतृत्व की तारीफ की। दिल्ली सीएम रेखा गुप्ता का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि भारत के हर क्षेत्र में महिलाएं नई ऊर्जा लेकर आ रही हैं। ‘नारी शक्ति को मेरी हार्दिक बधाई और सम्मान।’
33,500 करोड़ की विकास योजनाओं के लोकार्पण समारोह में उन्होंने पूर्व आप सरकार को आड़े हाथों लिया। ‘उनकी आपदा शासन ने मेट्रो फेज-4 जैसे महत्वपूर्ण कार्यों को लटका दिया। भाजपा आने के बाद दिल्ली का हर दिशा में विकास हो रहा है।’
यह संबोधन न केवल राजनीतिक टकराव को उजागर करता है, बल्कि विकास और सामाजिक न्याय की दिशा भी दिखाता है।