बिहार में निशांत कुमार के राजनीति में उतरने की चर्चा ने सियासी बवंडर खड़ा कर दिया। राजद के मृत्युंजय तिवारी ने इसे मौका लपकते हुए तेजस्वी यादव की दूरदृष्टि की तारीफ की। नीतीश कुमार का अचानक पद त्याग इसका प्रमाण है।
हर नागरिक राजनीति कर सकता है, लेकिन स्वीकृति जनता देती है, तिवारी ने स्पष्ट किया। नीतीश को लंबे समय तक नेता बताया गया, पर सत्ता की लालच ने सब उजाड़ दिया।
भाजपा-जदयू की चालबाजी ने वचनों को झूठा साबित कर दिया। तेजस्वी की चेतावनी बिल्कुल सटीक निकली। जनहित के वादे कुर्सी के आगे पानी भर गए।
नेपाल चुनाव परिणाम को स्वाभाविक बताया। नई सरकार का आदर करें और दोनों देशों के रिश्ते मजबूत रखें।
मुर्मू जी विवाद में भाजपा को फायदा उठाने वाला करार दिया। राष्ट्रपति का स्थान सर्वोपरी है।
अंत में टी20 विश्वकप फाइनल पर भरोसा जताया। टीम इंडिया ट्रॉफी ले आएगी, पूरे देश को गर्वित करेगी।