रायबरेली में रविवार को स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने हिंदू समाज को एक नया दृष्टिकोण दिया कि राजनीतिक दलनिरपेक्ष होकर पीड़ा में सहभागी ही सच्चे मित्र हैं। उन्होंने गायों को मां का स्थान दिलाने और गोहत्या रोकने की मांग को दोहराते हुए कहा कि देशवासियों की यह इच्छा अब अनसुनी नहीं रहनी चाहिए।
सरकारें वोट के लिए गौ रक्षा का झूठा वादा करती हैं, लेकिन शासनकाल में बीफ व्यापार चरम पर पहुंच गया है। 78 बरसों की उपेक्षा पर्याप्त है। अब ठोस कदम उठें।
आवाज कुचलने की कोशिशें व्यर्थ हैं। धमकी, लालच या कानूनी जाल से संस्कृति की पुकार नहीं दबेगी। स्वामी ने स्पष्ट किया कि सत्ता में भाजपा हो या अन्य, हिंदू का साथी वही जो संकट में कंधे से कंधा मिलाए।
भाजपा पर सीधा सवाल उठाते हुए कहा कि हिंदू पार्टी होने का दावा करने वाली यह ताकत चोटी नोचे जाने, बालकों पर प्रहार और धर्म के अपमान पर उदासीन क्यों? मौन या कार्रवाई दोनों ही हिंदू-विरोध को प्रमाणित करते हैं।
यह बयान हिंदू एकजुटता को मजबूत करेगा और गौभक्ति को राजनीतिक मंच प्रदान करेगा।