पुणे, 8 मार्च। मध्य पूर्वी इलाके में उग्र होते संघर्षों के दौर में दुबई से दर्जनों भारतीय नागरिकों को सकुशल भारत लाया गया। पुणे विमानपत्तन पर पहुंचकर यात्रियों ने केंद्र सरकार, दूतावास और यूएई प्रशासन के सहयोग पर तारीफों के पुल बांधे।
निधि नामक यात्री ने संघर्ष की शुरुआत का जायजा लिया, ‘पिछले शनिवार डरावना था, किंतु संस्थानों और सरकार की मदद ने राहत दी। व्यवस्था बेजोड़ रही।’ लौटकर वे पढ़ाई दोबारा शुरू करने को उत्सुक हैं।
उन्होंने कहा, ‘ईमानदार शासन के चलते प्रवासी भारतीय सुरक्षित रहते हैं। यह गौरव का विषय है।’
प्रियंका ने 15 दिवसीय यात्रा के अनुभव साझा किए, ‘ब्लास्ट की गूंज दूर से आई, लेकिन सुरक्षा का कवच मजबूत था। कोई अफरा-तफरी नहीं।’
एयरपोर्ट पर मिसाइल खतरे का सामना करने वाले अर्जुन ने वर्णन किया, ‘अलर्ट पर बंकरों में ठहराए गए, फिर स्थिति सामान्य होने पर बाहर। मिसाइलें विफल।’
स्पाइसजेट के लिए आभार जताते आनंद ने एक सप्ताह फंसने का जिक्र किया। गुल्फाम, छह वर्षीय निवासी, बोले, ‘सब सामान्य, यूएई का ख्याल रखना सराहनीय।’
ऐसे प्रत्यावर्तन भारत की क्षमता दर्शाते हैं। पुणे में आगमन समारोह शांति की पुकार बन गया।