सिवनी के पेंच टाइगर रिजर्व से शोक की खबर आई है। रिजर्व की सबसे उम्रदराज बाघिन पीएन-20 (टी-20) का देहांत हो गया। ‘लंगड़ी बाघिन’ के नाम से मशहूर यह बाघिन 18 वर्ष की पारी खेलकर रिकॉर्ड बना गईं। जन्म 2008 का, मौत वृद्धता से।
कर्माझिरी के मुनारा कैम्प पास शनिवार सुबह पड़ीं। 6 मार्च को अंतिम दर्शन पर्यटकों को हुए। पंजे की विकृति से लंगड़ातीं, फिर भी 70% कर्माझिरी पर राज। ‘कॉलरवाली’ की बहन रहीं।
शिकार न कर सकीं तो बाघ-तेंदुओं के अवशेषों से गुजारीं। पर मातृत्व में अव्वल—कुल 10 शावक: 2012 में दो बेटियां, 2016 में मिश्रित तिकड़ी, 2019 में चार बेटे, 2021 में एक बेटी। इनसे बाघ आबादी मजबूत।
मुख्य वन संरक्षक व टीम ने भावुक विदाई दी। वरिष्ठ चिकित्सकों ने पोस्टमार्टम, फिर भस्मीकरण। पर्यटकों की चहेती का जाना वन्यजीव प्रेमियों के दिलों में खालीपन छोड़ गया।
पीएन-20 जैसी बाघिनें संरक्षण की मिसाल हैं। उनका योगदान पर्यटन व जैव विविधता संवर्धन में अमूल्य। पेंच प्रबंधन उनकी स्मृति में प्रयास तेज करेगा।