आइआइटी हैदराबाद में 6-7 मार्च को संपन्न एनएचसीएक्स इनोवेशन मीट ने स्वास्थ्य क्षेत्र में डिजिटल क्रांति की नई कहानी लिखी। राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण ने 112 अभिनव प्रस्तावों वाले हैकाथॉन के फाइनलिस्टों को सम्मान दिया, जो पांच समस्या बिंदुओं पर एफएचआईआर-आधारित समाधान लेकर आए।
बिल्ड ट्रैक में पुराने सिस्टम्स को एनएचसीएक्स के अनुरूप बनाने वाले कन्वर्टर, डायग्नोस्टिक रिपोर्ट्स-डिस्चार्ज समरी को संरचित रूप देने वाले टूल्स और पीडीएफ से इंश्योरेंस प्लान बंडल तैयार करने वाली सुविधाएं बनीं। आइडियाथॉन ने दावों में फ्रॉड पहचान और प्रोसेसिंग अनुकूलन जैसे व्यावसायिक विचार दिए।
स्वतंत्र जूरी ने स्टार्टअप्स, बीमा कंपनियों, टीपीए, अस्पतालों, शैक्षणिक संस्थानों और डेवलपर्स की प्रस्तुतियों का परीक्षण किया। एनएचसीएक्स एबीडीएम के तीन गेटवेज में से एक है, जो दावा सूचनाओं का सहज आदान-प्रदान सुनिश्चित करता है।
आइआरडीएआई, एनआरसीईएच, जीआईसी, गूगल जैसे साझेदारों के समर्थन से चले इस आयोजन में नई पहल शुरू हुईं- सफल लागू करने वालों को चैंपियंस, जागरूकता फैलाने वालों को एंबेसडर्स और पीएमजेएवाई दावों को जोड़ने वालों को अर्ली इंटीग्रेटर्स का दर्जा।
कार्यक्रम का शुभारंभ एनएचए के डॉ. सुनील कुमार बरनवाल, सौरभ गौड़, डॉ. गिरधर ज्ञानी और प्रो. जी. नरहरी शास्त्री ने किया, मुख्य अतिथि आइआरडीएआई अध्यक्ष अजय सेठ रहे। ये प्रयास करोड़ों लोगों के लिए स्वास्थ्य बीमा को सरल बनाएंगे।