मध्य प्रदेश राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कृष्णा गौर ने महिला दिवस पर बेटियों को सुरक्षित व स्वावलंबी बनाने वाले समाज की रचना पर बल दिया। भोपाल से जारी संदेश में उन्होंने कहा कि बेटी कल्याण के लिए सरकारी मुहिमें चल रही हैं, पर समाजीकरण आवश्यक है।
प्रदेश महिलाओं को बधाई देते हुए गौर ने कहा कि आर्थिक स्वतंत्रता व शैक्षिक प्रगति से ही मजबूत समाज बनेगा। सरकार समावेशी विकास के मंत्र से महिलाओं को पूर्ण अधिकार दिलाने को कटिबद्ध है।
उन्होंने अपील की- सब मिलकर संकल्प लें कि बेटियां सुरक्षित, महिलाएं आत्मनिर्भर व माताएं सुखी हों। मोदीजी के दूरदृष्टि व यादवजी के सुशासन में भारत महिला नेतृत्व वाले विकास की दिशा में अग्रसर है।
अंत्योदय के लक्ष्य से सरकार सबसे पिछड़ी महिलाओं को विकास से जोड़ रही है। बेटियों के छात्रावासों को आदर्श रूप प्रदान किया जा रहा है। छात्रवृत्ति व कोचिंग योजनाओं से प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता मिल रही है।
पिछड़ा वर्ग महिलाओं को विशेष ट्रेनिंग से उनके उत्पाद बाजार में टिक पा रहे हैं, जिससे आर्थिक मजबूती आ रही है। 2047 तक विकसित भारत का सपना तभी साकार जब वंचित महिलाएं आगे बढ़ें।