दिल्ली के विज्ञान भवन में महिला दिवस से पहले राष्ट्रीय सेविका समिति का महत्वपूर्ण सम्मेलन ‘भारतीया नारी से नारायणी’ शुरू हुआ। पूर्व प्रोफेसर डॉ. प्रीति गोयल मुख्य अतिथि रहीं, जिन्होंने महिलाओं की वास्तविक स्थिति पर रोचक बातें कही।
समिति से दस साल की उम्र से जुड़ी डॉ. गोयल ने अपनी शिक्षण यात्रा साझा की। ‘दिल्ली यूनिवर्सिटी में लंबे समय बाद वीआरएस लिया, लेकिन सेवा भाव आज भी कायम है।’
सशक्तीकरण पर उन्होंने कहा, ‘महिलाओं को सशक्त करने की बात गलत है। वे पहले से शक्तिशाली हैं। समस्या समाज की सोच में है। सरकार और पुरुषों को बदलाव लाना होगा।’
समाज में हो रहे बदलाव पर टिप्पणी करते हुए बोलीं, ‘लड़कियां स्वयं आगे बढ़ रही हैं, इसलिए परिवर्तन दिखता है। पुरुषों की मानसिकता में कुछ सुधार हुआ, पर पूर्ण समानता बाकी है। घर और बाहर 60 फीसदी जिम्मेदारी महिलाओं पर, पुरुष 40 फीसदी।’
यह आयोजन महिला सशक्तिकरण की नई परिभाषा गढ़ने में मील का पत्थर साबित हो सकता है।