बिहार की सियासत में बड़ा बदलाव। नीतीश कुमार राज्यसभा के लिए रवाना हो रहे हैं और बेटे निशांत को राजनीतिक मंच पर ला रहे हैं। जदयू नेता वशिष्ठ नारायण सिंह ने इसे स्वाभिमानपूर्ण कदम बताया है। उनके अनुसार, नीतीश पर कोई दबाव नहीं था।
सिंह ने स्पष्ट किया कि कार्यकर्ता भावुक होंगे, नीतीश को याद करेंगे, लेकिन उनके निर्णय का सम्मान करेंगे। पार्टी को उनकी मार्गदर्शक भूमिका मिलती रहेगी।
निशांत पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि युवा नेता के रूप में वे प्रेरणास्रोत बनेंगे। उनकी मौजूदगी से नौजवानों में जोश भरेगा और पार्टी मजबूत होगी।
नीतीश का एक्स पोस्ट भावुक था। उन्होंने लंबे समय के समर्थन का धन्यवाद किया, जो बिहार के उत्थान का आधार बना। संसदीय यात्रा की शुरुआत से ही उनका सपना था कि वे सभी सदनों का प्रतिनिधित्व करें। अब राज्यसभा से वह सपना साकार हो रहा है।
उन्होंने वादा किया कि बिहार से उनका जुड़ाव बना रहेगा। नई सरकार को उनका समर्थन और सलाह मिलेगी। यह परिवर्तन बिहार के विकास को नई गति देगा।