समाजसेवी अन्ना हजारे ने वैश्विक तनावपूर्ण स्थिति में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र भेजकर भारत को शांति दूत बनाने की मांग उठाई है। ईरान-इजरायल-अमेरिका संघर्ष के कारण मासूम जिंदगियां खतरे में हैं, और हजारे ने भारत से सक्रिय कदम उठाने का आग्रह किया।
पत्र में हजारे ने हालिया घटनाक्रम का जिक्र किया। इजरायल व अमेरिका ने तेहरान पर हमले किए, जिसमें ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई और सैन्य अफसर शहीद हुए। ईरान की जवाबी कार्रवाई में अमेरिकी अड्डों को निशाना बनाया गया। यह सब एक हफ्ते से चल रहा है, जिससे स्थिति और जटिल हो गई।
‘विश्व को आज संवाद की जरूरत है, युद्ध की नहीं,’ हजारे ने जोर देकर कहा। भारत की शांतिप्रिय छवि का उल्लेख करते हुए उन्होंने तटस्थता के साथ जिम्मेदार भूमिका निभाने का सुझाव दिया। निर्दोष महिलाओं-बच्चों की सुरक्षा के लिए मानवता का संदेश देना जरूरी है।
मोदी सरकार की वैश्विक उपलब्धियों का गुणगान करते हुए हजारे ने कहा कि भारत का नेतृत्व प्रेरणादायी साबित होगा। क्षेत्रीय संकट से उत्पन्न चुनौतियों के बीच भारत की मध्यस्थता महत्वपूर्ण हो सकती है।
यह अपील भारतीय कूटनीति को नई दिशा दे सकती है। संयुक्त राष्ट्र जैसे मंचों पर सक्रियता से शांति प्रक्रिया तेज हो सकती है। हजारे का पत्र एक सशक्त आवाज है, जो युद्ध की तबाही रोकने के लिए एकजुट होने का संदेश देता है।