तमिलनाडु की सियासत में नया मोड़ आया है। एआईएडीएमके ने राज्यसभा की दो सीटों के लिए अपने पुराने हार्से एम. थंबीदुरई और सहयोगी पीएमके प्रमुख अंबुमणि रामदास को मैदान में उतारने का मन बना लिया है। 16 मार्च को होने वाले इस चुनाव के लिए नामांकन 5 मार्च तक दाखिल किए जा सकेंगे।
चुनाव आयोग की 18 फरवरी की अधिसूचना के बाद प्रक्रिया तेज हो गई है। विधानसभा में एआईएडीएमके की ताकत भले ही घटकर 60 विधायकों पर सिमट गई हो—2021 की 66 सीटों से कम होकर, जिसमें ओ. पन्नीरसेल्वम जैसे नेताओं के बगावत और एक विधायक की मौत शामिल है—लेकिन गठबंधन की ताकत 66 वोट तक पहुंचा सकती है।
पीएमके को एक सीट का वादा कार्यकारी समिति ने निभाया है, जहां अंबुमणि—वण्णियार समुदाय के प्रभावशाली चेहरा—उम्मीदवार बनेंगे। थंबीदुरई, जिनके पास संसदीय अनुभव का खजाना है, दूसरी सीट संभालेंगे। पलानीस्वामी ने खुद इसकी पुष्टि की।
भाजपा के चार और पीएमके के तीन विधायकों का साथ मिलने से जीत के योग मजबूत हैं। यह कदम न केवल संसद में विपक्ष को मजबूती देगा, बल्कि आगामी चुनावों से पहले गठबंधन को एकजुट भी रखेगा। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि ये नामांकन औपचारिकताएं भर रह गई हैं।