जल जीवन मिशन में कथित भ्रष्टाचार के मामले में फरार पूर्व आईएएस सुबोध अग्रवाल और अन्य को पकड़ने के लिए पुलिस का बहुराज्यीय अभियान 16वें दिन भी जोर शोर से जारी है। 17 फरवरी से शुरू यह मुहिम 4 मार्च तक चली, जिसमें 40 टीमों ने 21 शहरों में 100 से अधिक जगहों पर दबिश दी।
वरिष्ठ अधिकारी डीआईजी-एसपी की देखरेख में एएसपी-डीएसपी के नेतृत्व में छापे चलाए गए। जयपुर के निर्माण नगर से मुंबई के मालाबार हिल तक, नई दिल्ली, फरीदाबाद, प्रयागराज तक फैला नेटवर्क। आरोपी के घर, रिश्तेदारों की संपत्ति, फ्लैट्स पर गहन जांच हुई।
परिवारजन, सहयोगी, कर्मचारी, ड्राइवर समेत 50 लोगों से सवाल-जवाब। मदद के शक में चार हिरासत में। तकनीकी निगरानी से प्रमुख शहरों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं।
किरोड़ी लाल मीणा ने 2023 में इस घोटाले को उजागर किया था। 20 के करीब अधिकारी-इंजीनियर फंस चुके। एसीबी, ईडी, सीबीआई की टीमों ने छत्तीसगढ़ समेत स्थानों पर 10 को दबोचा।
फरार की गिरफ्तारी से जांच को गति मिलेगी। यह मामला सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता की मांग को रेखांकित करता है, भविष्य के लिए सबक है।