महाराष्ट्र सरकार लिफ्ट दुर्घटनाओं से निपटने को तैयार है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बुधवार विधानसभा में घोषणा की कि 2.10 लाख मौजूदा और 25,000 नई लिफ्टों की जांच के लिए 519 अतिरिक्त पद बनाए जाएंगे। कर्मचारी कमी दूर करने का यह प्रयास भविष्य की मांगों को भी ध्यान में रखता है।
हाउसिंग सोसायटियों में इमरजेंसी सुविधाओं पर निरंजन दावखरे व सचिन आहिर के प्रश्नों पर सीएम ने विस्तार से बताया। मुंबई मॉडल पर थर्ड पार्टी जांच प्रक्रिया शुरू होगी, जिसमें लिफ्ट में वैध प्रमाणपत्र अनिवार्य होगा – जांच तिथि व अवधि सहित।
बजट सत्र में अधिकारियों को मजबूत बनाने वाला बिल लाया गया है। उच्च समिति गठित कर लिफ्ट रखरखाव, जांच अंतराल, नियम और निर्माता दायित्व तय करेगी। बीएमसी, निगम व बिजली अधिकारी इसमें होंगे; 6 माह में मानक जारी।
साहूकारी पर अवैध कर्ज को अमान्य बताते हुए शिकायत की सलाह दी। लाइसेंस वाले उल्लंघन पर सख्ती – लाइसेंस छिनना, मुकदमा, राहत। फडणवीस सरकार की यह पहल शहरवासियों के लिए वरदान साबित होगी।