अमरावती। पूर्व सीएम वाई.एस. जगन मोहन रेड्डी ने सीएम चंद्रबाबू नायडू को तिरुमाला मंदिर को राजनीतिक मंच बनाने और इसकी पवित्रता से खिलवाड़ करने का दोषी ठहराया। सोशल मीडिया पर पोस्ट में जगन ने नायडू के कार्यों को भगवान वेंकटेश्वर के प्रति बेरुखी और प्रबंधन में भ्रष्टाचार का प्रतीक बताया।
दुनिया भर के भक्तों के लिए तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम सबसे पवित्र स्थल है। यहां भगवान वेंकटेश्वर की सेवा में पूर्ण समर्पण और पारदर्शिता जरूरी है। जगन ने आरोप लगाया कि नायडू ने इसे स्वार्थसिद्धि का जरिया बना लिया।
टीटीडी चेयरमैन पर लगे गंभीर आरोपों को नजरअंदाज कर नायडू ने उन्हें पद पर बिठाया। चुनाव पूर्व एक महिला की शिकायत में धोखाधड़ी और महिलाओं के उत्पीड़न का जिक्र था, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इससे मंदिर की प्रतिष्ठा दांव पर लग गई।
लड्डू प्रसाद के घी कांड में भी नायडू की गलतियां साफ हैं। घटिया घी को रिजेक्ट करने के बाद फिर से डाल दिया गया, जैसा सीबीआई दस्तावेज साबित करते हैं। अब वे खुद विवाद खड़ कर रहे हैं।
घी खरीद में भारी अनियमितता सामने आई। पहले कीमतें स्थिर रहीं, लेकिन अब 658 रुपये किलो पर सौदा उनके सहयोगी की डेयरी से हुआ। ये कदम मंदिर को लाभ कमाने का माध्यम बनाते हैं।
जगन ने चेतावनी दी कि नायडू में न भक्ति है, न ईमानदारी। ये खुलासे आंध्र की सियासत को नई दिशा दे सकते हैं, जहां मंदिर की मर्यादा प्रमुख मुद्दा बनेगा।