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    Home»India»कर्नाटक: पूर्व देवदासियों के री-सर्वे में खामियां, एनएफआईडब्ल्यू ने सरकार को ललकारा
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    कर्नाटक: पूर्व देवदासियों के री-सर्वे में खामियां, एनएफआईडब्ल्यू ने सरकार को ललकारा

    Indian SamacharBy Indian SamacharMarch 4, 20261 Min Read
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    नेशनल
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    राज्य में पूर्व देवदासियों के पुनर्सर्वे को लेकर नेशनल फेडरेशन ऑफ इंडियन विमेन (एनएफआईडब्ल्यू) ने कांग्रेस सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद की है। संगठन ने सर्वे को सही तरीके से पूरा करने और गड़बड़ियों की जांच की मांग की।

    देवदासी प्रथा दलित समुदायों की महिलाओं-लड़कियों पर सामाजिक अभिशाप रही, जहां मंदिर समर्पण का बहाना बनाकर यौन शोषण होता रहा। विधि द्वारा समाप्त होने पर भी यह छिपे रूप में जारी है। एनएफआईडब्ल्यू प्रदेश अध्यक्ष ज्योति ए. ने पर्दाफाश किया कि मंत्री लक्ष्मी हेब्बालकर की रिपोर्ट में संख्या घटकर 23,395 रह गई, पुराने आंकड़े के मुकाबले आधे से कम।

    कोई निगरानी बैठक नहीं हुई, शिकायतें अनसुनी। ज्योति बोलीं, ‘सबसे कमजोर वर्ग के साथ यह अन्याय अस्वीकार्य।’ जिला-तालुका स्तर पर लापरवाही, नाम मंजूरी में देरी, जागरूकता की कमी और अधिकारीयों की उदासीनता प्रमुख समस्या।

    रेणुका ने चेताया कि खतरा बरकरार है, सर्वे में आयुबंद न लगे। शेकम्मा ने खुलासा किया कि झूठे नाम डाले गए, सच्चे हटाए। संगठन ने पुनर्वास योजनाओं के लिए दोषपूर्ण रिपोर्ट न अपनाने और पूरी जांच की अपील की।

    एनएफआईडब्ल्यू का यह आग्रह पीड़ितों को न्याय दिलाने की दिशा में मजबूत कदम है। सरकार को तत्काल सुधार करने पड़ेंगे।

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