अलप्पुझा, केरल से बड़ी खबर। सीपीआई(एम) के 63 साल पुराने नेता जी. सुधाकरन ने नेतृत्व से टकराव चरम पर पहुंचा दिया है। पूर्व मंत्री ने साफ कहा कि सदस्यता नवीनीकरण प्रक्रिया में हिस्सा नहीं लेंगे, जो पार्टी छोड़ने का स्पष्ट संकेत है।
फेसबुक पर कड़े लहजे वाले पोस्ट में उन्होंने 2022 के तबादले के बाद की कहानी बयां की—स्टेट कमेटी से जिला ब्रांच में धकेल दिया गया। लंबे समय की वफादारी के बावजूद जिला सचिव एम.वी. गोविंदन ने अनदेखी की, पांच साल सार्वजनिक मंचों से बहिष्कृत रखा।
गोविंदन के ‘विचार के लायक नहीं’ वाले बयान को सुधाकरन ने प्रेस में मजाक उड़ाया।
चार बार के विधायक और दो बार मंत्री (पिनराई सरकार सहित) सुधाकरन की साफगोई विपक्ष तक सराही जाती है। 2021 में टिकट कटने से शुरू हुई नाराजगी बार-बार उभरी।
इमरजेंसी वर्षगांठ समारोह में भी नहीं बुलाया, जबकि वे जिले में इकलौते पीड़ित थे—गिरफ्तार, जेल यात्रा, हमले।
शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस होगी। के.सी. वेणुगोपाल से मुलाकात के बाद अंबालप्पुझा से यूडीएफ टिकट की चर्चा जोरों पर। यह स्थानीय राजनीति को हिला सकता है।
राजेंद्रन (भाजपा) और पोट्टी (कांग्रेस) के बाद सुधाकरन तीसरा। केरल की लेफ्ट सरकार पर संकट गहरा सकता है।