तमिलनाडु में आगामी चुनावों को लेकर कांग्रेस ने पी चिदंबरम को डीएमके से सीटों के बंटवारे की अंतिम जिम्मेदारी सौंपी है। दिल्ली में उच्च स्तरीय विचार-विमर्श के बाद यह निर्णय आया, जो राज्य में गठबंधन तैयारियों को गति देने का संकेत है।
अंदरूनी जानकारी के अनुसार, राहुल गांधी की मंजूरी मिलने पर मल्लिकार्जुन खड़गे ने चिदंबरम को डीएमके नेतृत्व के साथ निर्णायक वार्ता का अधिकार दिया। इस तरह अनुभवी नेता अब सीएम स्टालिन की पार्टी के साथ सौदेबाजी के प्रमुख चेहरे बन गए हैं।
सूत्र बता रहे हैं कि डीएमके ने 27 विधानसभा क्षेत्र कांग्रेस को देने की पेशकश की है, लेकिन कांग्रेस की मांग पर इसे 28 तक बढ़ाया जा सकता है। गठबंधन के व्यापक पैकेज में राज्यसभा सीट का भी समावेश होने की उम्मीद है, जो साझेदारी को संतुलित रखेगा।
लंबे समय से चली आ रही बातचीत में शुरुआती मतभेदों ने गठबंधन की एकता पर सवाल उठाए थे। फिर भी, ताजा प्रगति से साफ है कि दोनों पार्टियां चुनाव आयोग की घोषणा से पूर्व अनिश्चय समाप्त करना चाहती हैं। तमिलनाडु के सियासी परिदृश्य में यह गठबंधन निर्णायक भूमिका निभाता रहा है। चिदंबरम की कुशलता से मजबूत समझौता उभर सकता है।