जातीय सद्भाव की मिसाल कायम करते हुए मणिपुर के चार समुदायों- मैतेई, कुकी, नागा व मैतेई पंगल के 24 युवा राष्ट्रीय एकीकरण यात्रा पर निकल पड़े। असम राइफल्स की 33वीं बटालियन ने आयोजित 3 से 13 मार्च तक चलने वाली यह 11 दिवसीय यात्रा केरल से पश्चिम बंगाल तक फैली है। इंफाल से प्रारंभ होकर तिरुवनंतपुरम, कन्याकुमारी, मुंबई, कोलकाता जैसे स्थलों का भ्रमण होगा।
केइतलमानबी में मुख्यमंत्री एन. बिरेन सिंह ने ध्वज फहराया। “ये युवा मणिपुर की एकता का चेहरा हैं,” उन्होंने कहा। समुदायवार छह प्रतिभागियों का चयन समावेशिता दर्शाता है।
संघर्षकाल में 47,000 लोगों की सुरक्षित निकासी के लिए असम राइफल्स की प्रशंसा की। सीएम बोले, “अतीत भूलें, शांति पथ पर एकजुट हों। युवाओं के भविष्य की रक्षा करें।”
कार्यक्रम में कुकी में बातचीत कर युवाओं से जुड़े। एक-एक सदस्य वाले समूहों को एकता का प्रतीक ध्वज व किट दिए। पूर्ण सहयोग का वादा किया।
यह प्रयास मणिपुर को नई दिशा देगा, राष्ट्रव्यापी एकता का उदाहरण बनेगा।