4 मार्च 2026 को होली का रंगारंगी स्वागत होगा। तैयारियां जोरशोर से चल रही हैं, किंतु मौसमी बदलाव, केमिकल रंग व अतिभोजन से परेशानियां संभव हैं। आयुर्वेद के पांच सरल नुस्खे त्योहार को सुरक्षित बनाएंगे।
रासायनिक रंगों से एलर्जी, जलन व नेत्र समस्याएं आम हैं। भारी आहार थकान लाता है। प्राकृतिक उपचार अपनाकर आनंद बढ़ाएं।
प्राकृतिक रंग बनाएं: फूलों (पलाश, चमेली), हल्दी, हर्बल गुलाल से खेलें। ये त्वचा को लाभ पहुंचाते हैं।
शरीर तेलित करें: होली से पूर्व तिल या नारियल तेल की परत चढ़ाएं। रंग चिपकता नहीं, सफाई आसान।
सात्विक भोजन: मौसमी फल, छाछ, हर्बल ड्रिंक्स ग्रहण करें। मसालेदार व्यंजनों से बचें।
हाइड्रेशन बनाए रखें: भरपूर जल, शिकंजी या कोकम शरबत पिएं। डिहाइड्रेशन टल जाएगा।
विशेष सावधानी: आंखों पर चश्मा, अंत में कोल्ड वाटर रिन्स। खाद्य पदार्थों की शुद्धता जांचें।
आयुर्वेद से होली 2026 निरोगी व उल्लासपूर्ण बने। परंपरा को अपनाकर आधुनिक स्वास्थ्य पाएं।