चंडीगढ़ में मंगलवार को वित्त मंत्री हरपाल चीमा ने गर्व से कहा कि पंजाब राजस्व वृद्धि के मामले में देश के शीर्ष तीन राज्यों की सूची में आ गया है। चार सालों के सुधारों, वित्तीय नियंत्रण और पारदर्शी प्रशासन से राज्य की आर्थिक सेहत मजबूत हुई है।
आंकड़ों के साथ उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य का स्वतंत्र कर राजस्व 2021-22 के 37,327 करोड़ (6.39% जीएसडीपी) से उछलकर 2024-25 में 57,919 करोड़ (7.15% जीएसडीपी) पहुंच गया।
आबकारी आय में 86.77% की रिकॉर्ड वृद्धि दर्ज की गई। पुरानी सरकारों के आंकड़े पीछे छूट गए—शिअद-भाजपा का औसत 4,109 करोड़, कांग्रेस का 5,479 करोड़—जबकि ‘आप’ का 9,907 करोड़ वार्षिक औसत रहा, कुल 37,975 करोड़ जनवरी 2026 तक।
2025-26 में आबकारी 11,500 करोड़ छू सकता है, जीएसडीपी हिस्सा 1.05 से 1.28 प्रतिशत। जीएसटी में कांग्रेस के 61,286 करोड़ (12,257 करोड़ औसत) से बेहतर ‘आप’ के 83,739 करोड़ (21,845 करोड़ औसत)।
मंत्री ने इन उपलब्धियों को जनकल्याण से जोड़ा, कर संग्रह बढ़ाने वाली नीतियों को श्रेय देते हुए राज्य के उज्ज्वल भविष्य का संकेत दिया।