तेलंगाना ने बिजली मांग के नए अध्याय की रचना की। मंगलवार को 18,139 मेगावाट की ऐतिहासिक चरम डिमांड को सफलतापूर्वक संभाला गया, जो राज्य का सर्वकालिक रिकॉर्ड है। इसकी जानकारी अधिकारियों ने दी।
उपमुख्यमंत्री मल्लू भट्टी विक्रमार्क ने इसे आर्थिक उछाल और संचालन कुशलता का प्रमाण बताया। बिजली यूटिलिटी के सभी कर्मचारियों को धन्यवाद देते हुए कहा कि बिना व्यवधान के आपूर्ति सुनिश्चित करना गजब का प्रदर्शन है।
आकार में छोटा राज्य भारी वजन उठा रहा है। मध्य प्रदेश व राजस्थान जैसे दिग्गजों के बराबर पहुंचा, तो पंजाब व अन्य औद्योगिक राज्यों से आगे। आईटी, फार्मा, बिल्डिंग व कृषि क्षेत्रों का विस्फोटक विकास इसका मूल कारण।
एक साल पहले 15,623 मेगावाट थी पीक, फिर 17,162 मेगावाट, अब 18,139। भविष्य के लिए तैयारियां पुख्ता, ग्रिड मजबूत व रणनीति सटीक। उपमुख्यमंत्री बोले, पावर सेक्टर विकास का आधार है। हर स्तर पर समर्पण सराहनीय।
यह सफलता तेलंगाना को राष्ट्रीय पटल पर चमका रही है। बिजली घनत्व में अग्रणी बनते हुए अन्य के लिए प्रेरणा स्रोत।