रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने 3 मार्च को झारखंड से होली की बधाई संदेश जारी करते हुए इसे एकता और सौहार्द का प्रतीक बताया। आईएएनएस को दिए बयान में उन्होंने जोर दिया कि यह त्योहार पुराने गिले-शिकवे मिटाकर लोगों को जोड़ता है।
होली को प्यारा और रंगीन पर्व करार देते हुए सेठ ने कहा, ‘यह गले लगने और मतभेद भुलाने का अवसर है। सालाना विवाद होली के आगमन से समाप्त हो जाते हैं।’ सदियों पुरानी इस परंपरा को उत्सवपूर्ण ढंग से निभाने के साथ अन्य धार्मिक उत्सवों का भी सम्मान करने की सलाह दी।
आलोचकों पर प्रहार करते हुए बोले, ‘होली में पानी खर्च पर सवाल उठाते हैं, लेकिन अपनी कारें और बागीचे धोने में फूले नहीं समाते। दिवाली के पटाखों पर चुप्पी साधकर क्रिसमस-न्यू ईयर पर मौज लेते हैं।’ भोले बाबा को दूध अर्पित करने का संकल्प जताया।
‘नमो श्री अन्ना होली मिलन’ कार्यक्रम की सफलता पर गर्व जताते हुए पीएम के बाजरा-मोटे अनाज अभियान को सराहा। ज्वार, रागी, मालवा अनाज की उपलब्धता से किसान मजबूत होंगे और स्वास्थ्य बेहतर होगा। होली की कामना करते हुए 2047 की आजादी के दिन विकसित भारत के रंगों से सजा देश देखने की कल्पना साझा की। यह पर्व खुशहाली लाए।