अमेरिका-इजरायल के हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई की मौत की खबरों से मुंबई में प्रदर्शनकारियों का जमावड़ा हो गया है। दूतावासों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है और पुलिस ने पूरे शहर को हाई अलर्ट घोषित कर दिया।
प्रदर्शनों को दंगों में बदलने की आशंका से थाने सतर्क हैं। ईरान ने 40 दिन का राष्ट्रीय शोक मनाने का फैसला लिया है, जो वैश्विक तनाव को और बढ़ा रहा है।
शिया नेता मौलाना कल्बे जव्वाद ने बयान जारी कर इराक युद्ध की याद दिलाई। वहां झूठे WMD दावों से तबाही हुई, लेकिन सच्चाई सामने नहीं आई। ईरान पर भी परमाणु खतरे का बहाना बनाया जा रहा है।
मुंबई में सपा के अबू आजमी ने मीडिया से कहा कि बुजुर्ग नेता की हत्या निंदनीय है। उन्होंने मोदी जी के इजरायल यात्रा पर सवाल उठाते हुए केंद्र से युद्ध विराम की मांग की। भारत को ईरानी संघर्ष से आर्थिक झटका लग सकता है।
पुलिस निगरानी बढ़ाए हुए है ताकि शांति बनी रहे। यह घटना दर्शाती है कि दूर के युद्ध भारत को कैसे प्रभावित करते हैं।