बड़वानी में आयोजित कृषि कैबिनेट बैठक में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने प्राकृतिक खेती को मजबूत करने का बड़ा कदम उठाया। जिले के 25 किसानों को मास्टर ट्रेनर बनाने के लिए राज्य के बाहर ट्रेनिंग दी जाएगी। नागलवाड़ी में हुई इस बैठक ने किसान कल्याण के कई फैसले लिए।
सीएम यादव ने जोर देकर कहा कि मध्य प्रदेश प्राकृतिक खेती का गढ़ बन चुका है। प्रशिक्षित किसान अन्यों को प्रशिक्षित करेंगे, जिससे जैविक खेती का विस्तार होगा और उत्पादकता बढ़ेगी।
कुल 27,746 करोड़ रुपये के किसान कल्याण पैकेज में बरला लिफ्ट माइक्रो सिंचाई योजना शामिल है। 861 करोड़ की यह परियोजना 33 गांवों के 15,500 हेक्टेयर इलाके को पानी उपलब्ध कराएगी।
राशि वितरण इस प्रकार है- कृषि विभाग: 3,502.48 करोड़, उद्यानिकी: 4,263.94 करोड़, पशुपालन: 9,508 करोड़, मछली पालन: 218.50 करोड़, सहकारिता: 8,186 करोड़, नर्मदा विकास: 2,067.97 करोड़।
‘किसानों को सशक्त बनाना हमारा लक्ष्य है,’ यादव ने कहा। बड़वानी को पर्यटन हब बनाने की दिशा में भी प्रयास तेज होंगे।
ये प्रयास मध्य प्रदेश को कृषि 혁혁 का नया मॉडल बनाएंगे, जहां स्थिरता और समृद्धि साथ-साथ बढ़ें।