मुर्शिदाबाद के जंगीपुर विधानसभा क्षेत्र में सियासी हलचल तेज हो गई है। 1962 के बाद से यहां कोई गैर-मुस्लिम उम्मीदवार नहीं जीता, लेकिन अब भाजपा इस परंपरा तोड़ने को तैयार है। कांग्रेस अपनी खोई जमीन वापस पाने की जद्दोजहद में लगी है, जबकि टीएमसी अपनी पकड़ मजबूत रखना चाहती है।
टीएमसी के जाकिर हुसैन ने भाजपा के सुजीत दास को भारी अंतर से हराया था, लेकिन अब चुनौतियां बढ़ रही हैं। जंगीपुर लोकसभा का हिस्सा यह क्षेत्र जंगीपुर नगरपालिका और चुनिंदा ग्राम पंचायतों पर आधारित है।
भागीरथी तट पर बसा यह नगर बैराज के लिए प्रसिद्ध है। फरक्का का 2100 मेगावाट और सागरदिघी का 1600 मेगावाट प्लांट बंगाल को बिजली देते हैं। बीड़ी बनाने का धंधा, लघु उद्योग और बांग्लादेश से व्यापार यहां की जान हैं।
1957 में गठित इस सीट पर 16 चुनाव लड़ चुके हैं। कांग्रेस के नाम 8 जीत, आरएसपी की 4, बाकी बंटी हुईं। सिर्फ पहले दो चुनाव गैर-मुस्लिमों के।
भाजपा का बढ़ता कद, टीएमसी की रणनीति और कांग्रेस का संघर्ष—ये सब जंगीपुर को रोचक बनाते हैं। वोटरों के फैसले से नई राजनीतिक तस्वीर उभरेगी, जो राज्य स्तर पर संदेश देगी।