मिडिल ईस्ट में तनाव चरम पर होने के समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शांति का पुरजोर समर्थन किया। कनाडाई समकक्ष मार्क कार्नी के साथ नई दिल्ली में हुई प्रेस वार्ता में उन्होंने ईरान-अमेरिका विवाद पर भारत का स्पष्ट रुख रखा।
‘हमारी सोच बिल्कुल साफ है, विश्व शांति और स्थिरता हमारा लक्ष्य है,’ मोदी ने कहा। पश्चिमी एशिया की अस्थिरता पर चिंता जताते हुए उन्होंने बातचीत को विवाद निपटान का एकमात्र रास्ता बताया। भारतीय नागरिकों की हिफाजत के लिए वैश्विक साझेदारी पर जोर दिया।
द्विपक्षीय समझौतों में रक्षा सहयोग प्रमुख रहा। इंडिया-कनाडा डिफेंस डायलॉग शुरू करने का ऐलान हुआ, जिसमें रक्षा क्षेत्र, समुद्री निगरानी और सैन्य संपर्क बढ़ेंगे। इससे दोनों राष्ट्रों के बीच सुरक्षा संबंध मजबूत होंगे।
आतंकवाद और अतिवाद को वैश्विक चुनौती करार देते हुए उन्होंने सहयोग की आवश्यकता पर बल दिया। ‘यह खतरा पूरी मानवता को प्रभावित करता है, हमारा एकजुट प्रयास अनिवार्य है।’
संबंधों में आई तेजी के लिए कार्नी की तारीफ की। लोकतंत्र और मानवता के साझा मूल्यों ने सहयोग को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया।
प्रधानमंत्री के रूप में कार्नी का पहला दौरा मील का पत्थर साबित हुआ। पिछले जी7 के स्वागत का बदला चुकाते हुए मोदी ने भविष्योन्मुखी साझेदारी पर चर्चा की।