अमेरिका-इजरायल के हमले में अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या से मिडिल ईस्ट अस्थिर हो गया है, इस पर शिवसेना (यूबीटी) के संजय राउत ने चिंता जताते हुए भारत सरकार से शोक प्रकट करने की मांग की। खामेनेई विश्वप्रसिद्ध नेता थे, इजरायल को छोड़कर सभी उन्हें मानते थे।
भारत और ईरान के पुराने रिश्तों को रेखांकित करते हुए राउत ने कहा कि संकट के हर मौके पर, चाहे पाक जंग हो या कश्मीर, ईरान ने साथ दिया। खामेनेई नेहरू भक्त थे, जिसने बंधन को और गहरा किया।
सरकार के रवैये पर सवाल उठाते हुए राउत बोले, इतनी बड़ी शख्सियत पर शोक जताने में हिचक क्यों? इजरायल या ट्रंप का खौफ? भारत को सम्मान देना चाहिए।
मंडेला के खामेनेई से मिलन का हवाला देकर उन्होंने कहा, सम्मान से कोई आतंकी नहीं बनता। भाजपा-मोदी को यह समझना होगा कि शोक प्रकट करना ताकत का प्रतीक है।
राउत ने जोर दिया कि मित्र देशों के प्रति उदासीनता भारत की साख को ठेस पहुंचाती है। खामेनेई का प्रभाव विशाल था। राजनीति न कर राष्ट्रहित सर्वोपरि रखें, यही कूटनीतिक गरिमा है।