प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने युवाओं के अटल इरादों को बेजोड़ बताते हुए एक्स पर प्रेरक पोस्ट साझा की। उन्होंने कहा कि भारत के नौजवान ठोस इच्छाशक्ति से देश को नई ऊंचाइयों पर ले जा रहे हैं।
‘भारत की युवाशक्ति का दृढ़ संकल्प अतुलनीय है। हमारे युवा जो सोचते हैं, उसे कर दिखाते हैं। इसी से देश अपने लक्ष्य प्राप्त कर रहा है,’ पीएम ने लिखा।
पोस्ट में संस्कृत सुभाषित जोड़ा- ‘न वा उ मां वृजने वारयन्ते न पर्वतासो यदहं मनस्ये। मम स्वनात् कृधुकर्णो भयात एवेदनु द्यून्किरणः समेजात्।’
अर्थात् आत्मविश्वास की शक्ति अपार है। बाधाएं पहाड़ी न हों तो भी आपके आगे न टिकें। इच्छाशक्ति से सूर्याभा भी फीकी पड़ जाए।
दिसंबर 2025 से चली इस परंपरा में पीएम परंपरागत बुद्धि को समसामयिक नीतियों से संनादित कर रहे हैं। भाषण, मन की बात व डिजिटल प्लेटफॉर्म पर ये श्लोक विकास, समानता, नेतृत्व नैतिकता व देशभक्ति को प्रोत्साहित करते हैं।
प्रथम सुभाषित 8 दिसंबर को साझा हुआ, जिसमें संस्कृत की शाश्वत उपयोगिता पर जोर दिया।
यह संदेश युवा पीढ़ी को चुनौतियों से जूझने की प्रेरणा देता है। भारत अब सांस्कृतिक धरोहर व आधुनिक महत्वाकांक्षा के संगम पर खड़ा है।